ट्रांजिट हॉस्टर गोसदन में पांच दिन में नौ गोवंशों की मौत

फर्रुखाबाद में गोसदनों में गोवंशों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। नगरपालिका की गोशालाओं में कर्मचारी से लेकर डाक्टर तक व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। गंभीर रूप से बीमार होने पर गोवंश शहर से किनारे कटरी धर्मपुर स्थित गोशाला पहुंचा दिए गए।कटरी धर्मपुर स्थित राजकीय गोसदन में पांच, जबकि ट्रांजिट हॉस्टल गोसदन में एक गोवंश की मौत हो गई। ट्रांजिट हॉस्टर गोसदन में पांच दिन में नौ गोवंशों की मौत हो चुकी है। वही बेसुध पड़े सात गोवंशों की कौवों ने आंखें निकाल लीं और कुत्ते मांस नोंचकर ले गए। विभाग के जिम्मेदारों को खबर तक नहीं हुई। पशु चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया, तो गोवंशों के पेट में 20-20 किलो पॉलिथीन निकली। चिकित्सक गोवंशों की मौत का कारण पॉलिथीन को ही बता रहे हैं।मुख्य चिकित्सा अधिकारी को यह जानकारी नहीं है कि गौशालाओं में अभी तक कितने गोवंश की मौत हुई है

आपको को बताते चले शहर से छह किमी दूर गंगा की कटरी में बनी पशु विभाग के कटरी धर्मपुर में बनी राजकीय गोशाला में लगभग 200 गोवंश बंद हैं। इस गोसदन में 12 गोवंश इधर-उधर पड़े देखे गए। इनमें से दो गाय और तीन बछड़े दम तोड़ चुके थे, जबकि तीन गाय और तीन बछड़े तथा एक सांड़ इधर-उधर, पानी, कीचड़ मेें पडे़ तड़प रहे थे। गोसदन के अंदर घुसे कुत्ते उन्हें नोच रहे थे। कौवे आंखें निकालकर ले गए थे।सूचना पर पशु चिकित्साधिकारी डा. देवेंद्र चौधरी, डा. सत्येंद्र कुमार अपनी टीम के साथ पहुंचे। नगर पालिका की जेसीबी से मरे गोवंशों को उठवाकर जंगल में पोस्टमार्टम किया गया। गोवंशों के पेट में 20-20 किलो पॉलिथीन की गठरी सी निकली।

इधर, ट्रांजिट हॉस्टल गोसदन में भी सुबह ही एक गोवंश की मौत हो गई। यहां सोमवार को चार, मंगलवार, बुधवार को एक-एक, गुरुवार को दो गोवंशों की मौत हो चुकी है। पूछने पर कर्मचारियों ने बताया कि डाक्टर तीसरे-चौथे दिन ही आते हैं। चरनी में सूखा भूसा देख बताया कि तीन दिन से गोशाला में दाना नहीं है। इससे सूखा भूसा ही डालना पड़ता है। जब मीडिया टीम ने वहां के चौकीदारों से पूछा कि गायों के लिए कितना दाना आता है तो वह एक दूसरे का मुंह देखते नजर आए और यह नहीं बता पाए कि कितना दाना गायों को दिया जाता है गोशाला में बिजली व रोशनी की व्यवस्था न होने से रात की ड्यूटी करने वाला कर्मचारी रुकता ही नहीं है। इसी वजह से गोवंश का शव कुत्तों ने नोच डाला। हालांकि यह सभी मृत गोवंश कटरी धर्मपुर के जंगल में ले जाकर दफना दिए जाते। आपको बताते चलें बताते की मुख्य चिकित्सा अधिकारी राज किशोर सिंह को यह जानकारी नहीं है कि गौशालाओं में अभी तक कितने गोवंश की मौत हुई है इस मामले में जिला अधिकारी मानवेंद्र सिंह गोवंश की मौतों पर पर्दा डालते नजर आ रहे हैं

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