गदनपुर चैन गोशाला में एक गोवंश की मौत, पांच गंभीर

क्षेत्र के गांव गदनपुर चैन गोशाला में एक गोवंश की मौत हो गई। सात गोवंश जीवन-मौत से जूझ रहे हैं। गोशाला के चारों ओर एंगल की बाउंड्रीवाल पर जाली न लगे होने से कुत्तों का आतंक है। कुत्ते बीमार गोवंश के अलावा छोटे बच्चों पर भी हमला कर देते हैं। दो गोसेवकों को भी काट चुके हैँ। जिले की गोशालाओं में अब तक 16 गोवंश काल के गाल में समा चुके हैं। गदनपुर गोशाला में इस वक्त 146 गोवंश हैं। पर उनके लिए पर्याप्त टिन शेड नहीं हैं। इससे इस ठंड में भी गोवंश बाहर ही रहते हैं। अधिकांश गोवंश काफी कमजोर हैं। इससे वे ठंडा रहे हैं। मंगलवार रात एक गोवंश ने दम तोड़ दिया तथा पांच गंभीर रूप से बीमार हैं। इन गोवंशों का इलाज करने को पशु चिकित्सक कभी-कभार ही आते हैं। गोशाला में चारों ओर एंगल लगाकर तार खींचे गए हैं।


तारों के बीच में काफी जगह होने से उसमें से जंगली जानवर अंदर घुस आते हैं। गोशाला में काम कर रहे अर्जुन सिंह, महिमा चंद्र, प्रमोद कुमार और धर्मेंद्र ने बताया कि गोशाला में बाउंड्रीवाल में जाली न होने से कई बार कुत्ते उन लोगों पर भी हमला कर चुके हैं। दो लोगों को काट भी लिया था।
यही नहीं खूंखार कुत्ते गायों पर भी हमला कर रहे हैं। बीमार गोवंश की रखवाली करना मुश्किल हो गया है। कहा कि यदि जाली लग जाए, तो काफी सहूलियत होगी।पशु चिकित्साधिकारी फूलबाबू ने बताया कि जिस गाय की मौत हुई है वह काफी बूढ़ी थी। सर्दी लगने से बीमार हो गई थी।

पोस्टमार्टम कराया गया है बाकी बीमार गोवंशों का इलाज किया जा रहा है।
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह की सख्ती के बाद राजकीय गोसदन धर्मपुर कटरी के दिन बहुरने लगे हैं। बुधवार को गोवंश के लिए हरी सब्जी पहुंची। मगर चेयरमैन के निर्देश पर भी चारा मशीन की व्यवस्था न होने से साबुत ही खिलाई गई। बिजली विभाग ने कनेक्शन के लिए सर्वे कर लिया है। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह में रोशनी की व्यवस्था भी हो जाएगी।पशुपालन विभाग का गोसदन अव्यवस्थाओं की गिरफ्त में था। ‘अमर उजाला’ ने गोसदन का बीते सप्ताह जायजा लिया, तो वहां पांच गोवंश मरे मिले और सात जीवन-मौत से जूझ रहे थे। यही नहीं जीवित गोवंशों की आंखें कौवों ने नोंच ली थीं और जंगली जानवरों ने गर्दनें तथा नाजुक अंग खा लिए थे।

जब यह खबर प्रकाशित हुई, तो डीएम ने संज्ञान लेकर खुद व्यवस्था की कमान संभाली।
गोशाला में बुधवार को सब्जी मंडी से हरी सब्जी पहुंचाई गई। पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल के निर्देश के बावजूद अभी तक चारा काटने की मशीन नहीं पहुंची। लिहाजा गोवंशों को साबुत सब्जियां ही खिलाई गईं। ईओ रश्मि भारती ने गोशाला पहुंचकर चल रहे सुंदरीकरण का जायजा लिया। उन्होंने जंगली जानवरों को रोकने के लिए शीघ्र ही जाली लगाने तथा छप्परों की व्यवस्था गुरुवार तक करने के निर्देश ठेकेदार को दिए।

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