घर-घर ना जाकर हमसे कुर्सी लगाकर बहस कर ले भाजपा: सलमान खुर्शीद-video

सीएए के विरोध के बाद जनपद और पूरे देश में हुए बबाल के बाद देश के पूर्व विदेश मंत्री और फर्रुखाबाद के पूर्व सांसद सलमान खुर्शीद नें जिले में अपनी दस्तक दे दी| उन्होंने बातचीत में कहा कि भाजपा सीएए लाने के बाद अब घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने की तैयारी कर रही है| लेकिन उन्हें घर-घर जाने की जरूरत नही है| उनके नेता मेरे साथ कुर्सी लगाकर बहस कर ले| जो आमने-सामने बात नही करते वही घर-घर जाते है|


पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद नें बातचीत में कहा कि हम सभी को अपने जीवन का निर्णय लेनें का हक है| जिसे हम समय-समय पर लेते भी है| उन निर्णयों में बदलाब भी होते है| लेकिन हममे और आज की भाजपा में अंतर इतना है कि बीजेपी मोदी के नेतृत्व में जो निर्णय हो गया बस वही अंतिम निर्णय है| लेकिन हम मानते है कि हर 5 साल में निर्णय लेना है और पांच साल के हालत के हिसाब से लोग निर्णय लेते है| बदलता है लोगों का मन बदलता है मत बदलता और उसके साथ निर्णय भी बदलता है|


लेकिन भाजपा बोलती है एक बार निर्णय लिया तो ले लिया लेकिन आप को निर्णय लेनें का हक नही है| लेकिन निर्णय केवल चुनाव के समय नही लिया जाता है| निर्णय पांच वर्ष में कभी भी बदल सकते है| जो नौजवान आज निकल रहे और यह कह रहे है हम आपकी निति से संतुष्ट नही है| उस नीति से संतुष्ट ना होने पर कहा जाये कहे जाये और अपने एमपी से कहे और लोकसभा में अपनी बात पंहुचायें या फिर सड़क पर प्रदर्शन करे| उन्होंने कहा कि जामिया विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में घुसकर दमनकारी नीति अपनायी और मारपीट कर गिरफतारी की| उसकी प्रतिक्रिया में लोग निकल रहे है जिन पर पुलिस उन्ही जैसा व्यवहार कर रही है|उन्होंने कहा जो हो रहा है यूपी और फर्रुखाबाद में हुआ है कही पर गोली, लाठी, कार्यवाही व गिरफ्तारी हुई है|

उन्होंने कहा जामिया की लाइब्रेरी में पथराव करने का आरोप, अलीगढ़ में हास्टल में पुलिस नें आंसू गैस फेंकी गयी है| लाइब्रेरी से किताबें फेंकी जा सकती है पत्थर नही| उन्होंने कहा की आम जनता का ध्यान रखे सरकार जो गलती करे उसे सजा दें निर्दोष पर कार्यवाही का विरोध किया जायेगा| लेकिन जिन लोगों नें उपद्रव किया उसकी जाँच होनी चाहिए| इस मामले को कोर्ट खुलने पर कोर्ट के सामने रखा जायेगा|सलमान नें भाजपा, सपा व बसपा पर तंज कसा और भाजपा को तो खुली चुनौती दे दी| सलमान नें कहा कि भाजपा घर-घर जाकर सीएए की जानकारी देनें की योजना बना रही है| उसे घर घर जाने की जरूरत ही नही| वह घर-घर क्यों जा रहे सामने आकार बहस क्यों नही कर रहे| लोकतन्त्र में आमने-सामने बहस कर ले|

क्योंकि घर में जाकर कुछ कह आये तो उसे सुनने कौन जा रहा| कुर्सी लगा दें| यंहा कोई नेता हो तो उसके साथ कुर्सी लगा कर बहस कर ले| और जब भाजपा बहस के लिए कुर्सी लगाये तो सपा और बसपा से भी पूंछ ले की उनकी कुर्सी किधर लगानी है| क्या पता उन्हें तीन की जरूरत पड़े| हम तो अकेले ही काफी है|
बाइट सलमान खुर्शीद

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