नए जमाने में कन्हैया के लिए रूम एसी और कूलर का भी प्रबंध

भाद्रप्रद माह  की  अष्टमी को रात 12 बजे के वक्त का सभी भक्तों को इंतज़ार है जब कन्हैया का जन्म होना है. घर- घर  नटवर नागर के जन्म की खुशियाँ मनाने की तैयारियां चल रहीं हैं, भक्तों को बाल कृष्ण की बहुत चिंता है. उमस  भरी गर्मी  से कान्हा को बचाने के लिये भक्तों ने इस बार विशेष व्यवस्था की है। जन्माष्टमी पर सजने वाली झांकियों में लड्डू गोपाल के पास एसी, कूलर और पंखे भी दिखेंगे। चूँकि कन्हैया  के जन्म के समय  मुसलधन बारिश हुई थी इसलिए सुंदर छातों का भी प्रबंध किया गया है. कन्हैया के खेलने के लिए पतंग- चरखी, बैट -बाल का भी इंतजाम किया गया है. इसके अलावा रत्न जड़ित मुकुट, राजस्थानी पगड़ी, फैंसी सिंहासन व सोफा भी झांकियों के मुख्य आकर्षण होंगे।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शहर के मंदिरों व घरों में झांकियां सजाई जा रहीं है। बाजार में सजी दुकानों पर लड्डू गोपाल के लिए परंपरागत ड्रेस के अलावा मथुरा व राजस्थानी ड्रेसें, रत्न जड़ित मुकुट, राजस्थानी पगड़ी आदि सामान उपलब्ध है। कान्हा को गर्मी से बचाने के लिये  पंखे बाजार में उपलब्ध हैं।यही नहीं नए जमाने में कन्हैया के लिए रूम एसी और कूलर का भी प्रबंध किया गया है. लड्डू गोपाल को गर्मी से गर्मी से बचाने के लिए  300 रुपये में  पंखा और 1500  रुपये में एसी बिक रहा है. भगवान के खेलने के लिए चर्खी – पतंग, बैट – बाल और चश्मा भी 60 से 300 रुपये तक में बिक रहा है.

भगवान  के सिर पर मोरमुकुट, मोती नग, जरकन के मुकुट दिखाई देंगे। यह मुकुट बाजार में 5 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक में मिल रहे हैं। लड्डू गोपाल की मूर्ति 35 रुपये से 1500 रुपये व राधा-कृष्ण की मूर्तियां भी भक्तों के लिए बाजार में दुकानों पर सजी हैं। कान्हा पर डुलाने के लिए चंवर भी 50 रुपये से लेकर 700 रुपये में उपलब्ध है। दुकानदार नारायण दुबे ने बताया कि भगवान के लिए इस बार गुजरात से ड्रेसों की ख़ास वैराइटी आई हैं जो लोग डिमांड कर रहे हैं.

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