डेढ़ करोड़ रुपये बनी बर्न यूनिट चार साल बीत जाने के बाद भी अभी तक नहीं हो पाई शुरू

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में आग में झुलसे लोगों को बेहतर इलाज मिल सके,इसके लिए लोहिया अस्पताल में साल 2016 में डेढ़ करोड़ रुपये के बजट से बर्न यूनिट का निर्माण हुआ,लेकिन स्टाफ की नियुक्ति न होने से यूनिट चालू नहीं हो सकी है. लोहिया अस्पताल से मरीजों को सैफई मेडिकल काॅलेज के लिए रेफर कर दिया जाता है.बल्कि बर्न यूनिट को आइसोलेशन वार्ड बनाकर चालू कर दिया गया है.


लोहिया अस्पताल में गंभीर रूप से झुलसे लोगों के लिए बर्न यूनिट बनाने की कवायद शुरू की गई थी. झुलसे मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड, एयर कंडीशन के साथ इसे तैयार कराया गया था.साल 2016 में 1.53 करोड़ की लागत से बर्न यूनिट का निर्माण हो गया. इसके बाद जनपद के लोगों में आस जगी थी कि अब झुलसे मरीजों को बाहर नहीं ले जाना पड़ेगा और जिला अस्पताल में ही उन्हें इलाज मिल सकेगा,लेकिन चार साल बीत जाने के बाद अभी तक यूनिट शूरू नहीं हो सकी है.

आग लगने के बाद झुलसे मरीजों को सैफई मेडिकल काॅलेज व कानपुर के हैलट अस्पताल के लिए रेफर किया जाता है. बर्न यूनिट के लिए अलग से तीन चिकित्सक,दस स्टाफ नर्स,दस वार्ड ब्वाय,दस सफाई कर्मी की आवश्यकता है.स्टाफ की डिमांड भी भेजी गई,लेकिन शासन से स्टाफ नहीं मिल सका.लोहिया अस्पताल के सीएमएस डॉ.  एमपी सिंह   का कहना है कि बंद पड़ी बर्न यूनिट को चालू करवाने के लिए शासन को पत्र भेजकर अवगत कराया जा चुका है. चिकित्सकों की तैनाती न होने के कारण यूनिट शुरू नहीं हो सकी है.जल्द ही समाधान निकाला जाएगा.  

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