बेरोजगारी, भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सपाइयों ने भरी हुंकार

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। धरना प्रदर्शन कर भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी पर जमकर प्रहार किए। तहसील सदर के धरना प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने स्थानीय मुद्दे भी उठाए और पार्टी के कार्यकर्ताओं को फर्जी केस लगाकर उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया। सदर तहसील में प्रदेशीय आह्वान पर पार्टी के तमाम कार्यकर्ता पूर्वान्ह पहुंच गए और उन्होंने यहां पर धरना प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन के दौरान सपाइयों ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। सपा नेताओ ने कहा कि पूरे प्रदेश में इस समय अराजकता की स्थिति है।

कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। अस्पतालों में इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं है। वेंटीलेटर और पीपीई किट का अभाव है। किसान बदहाली का शिकार है। खाद बीज भी नहंी मिल पा रहा है। सपा नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार में नौजवान बेरोजगारी की मार झेल रहा है। लॉकडाउन के समय में हजारों कर्मचारियों की छटनी कर दी गई। सरकार अब सरकारी नौकरी की भर्ती आउटसोर्स से कराने का विचार कर रही है। जिससे पंाच साल संविदा में नौकरी करनी होगी। सूबे में विकास कार्य अवरुद्ध है। महंगाई चरम सीमा पर है। बिजली के रेट बढ़ाए जाने पर भी सपा नेताओं ने गुस्सा जाहिर किया। पुलिस उत्पीड़न का मामला भी जोर शोर से उठाया गया। सपाइयों ने कहा कि पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत समेत कई लोगों को राजनैतिक विद्वेषवश भूमाफिया घोषित कर मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

उनके परिवार का उत्पीडन बंद होना चाहिए। फर्जी एनकाउंटर का भी मामला उठाया गया। इस दौरान जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी, जिला पंचायत सदस्य विजय यादव, ब्लाक प्रमुख सुबोध यादव, केके यादव, युनुस अंसारी, तहसीन सिद्दीकी, राघवदत्त मिश्रा, पुष्पेंद्र यादव, सुलक्षणा सिंह, इलियास मंसूरी, रजत क्रांतिकारी, मुन्ना यादव, रंजीत सिंह चक, संतोष यादव, बबलू सिंह, राकेश सिंह आदि मौजूद रहे। वहंी महान दल के जिलाध्यक्ष सर्वेश शाक्य सहित अन्य पदाधिकारी धरना प्रदर्शन में समर्थन देने पहुंचे।

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