सरकारी आंकड़ों और कागजो में तो सब कुछ ठीक ,कोरोना मरीज

फर्रुखाबाद में कोरोना संक्रमण का कहर लगातार जारी है। लोग कोरोना की चपेट में आकर गंभीर हालत में पहुंच रहे हैं। लोगों की जान भी जा रही है।आज कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 8400 पहुंच गयी है। इसकी दहशत ने आम जनजीवन को भी बुरी तरह से प्रभावित किया है। ऐसे गंभीर मरीजों को जीवनदान देने के लिए डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी अपनी जान की परवाह किए बिना सेवा में जुटे हैं।

संक्रमण से बचने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को पीपीई किट पहनकर काम करना पड़ रहा हैै। वही स्वास्थ्य विभाग की पीपीई किट को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ में बने जिला अस्पताल L-2 अस्पताल के बहार काफी तादाद में पीपीई किट उतार कर फेंकी गई है। उसी रस्ते से कोरोना मरीजों के तीमारदारो का आना जाना होता है।जिससे कोरोना संक्रमण हो सकता है लेकिन स्वास्थ्य विभाग इससे अनजान बना हुआ है।


दूसरी बात करें तो मरीजों को हॉस्पिटल से कोई दवाई को इंजेक्शन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है मरीजों को बाजार से इंजेक्शन दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं और ऑक्सीजन के सिलेंडर भी बहार से खरीद रहे है। सरकारी आंकड़ों और कागजो में तो सब कुछ ठीक है लेकिन धरातल पर इससे उलट है मरीज के परिजनों बताया कि हफ्तों से हॉस्पिटल की सफाई नहीं होती है बैड के नीचे कूड़े के ढेर लगे है ना ही कोई सफाई कर्मी आता है और डाक्टर। कई बार डॉक्टर को ढूंढो तो डॉक्टर मरीजों को देखने आते हैं और दूर से ही देख कर चले जाते हैं। साप्ताहिक बंदी के बावजूद शहर में सड़कों पर वाहनों की भरमार दिखाई दे रही है पुलिस की लहपरवाही के चलते लॉकडाउन का असर शहर के बाजार में दिखाई नहीं देता।

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