स्वास्थ्य केंद्र बना तवेला ,नहीं मिल रहा लोगो को इलाज

फर्रुखाबाद जिले में सात विकास खण्ड हैं सभी विकास खण्डों में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्राथमिक चिकित्सालय से लेकर उप स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए थे। जिनमें डॉक्टर या एनम की तैनाती की गई थी। लेकिन वर्तमान में उन उप स्वास्थ्य केंद्रों पर कर्मचारियों के न जाने से गांव के दबंग लोगों ने उनको तबेला बना दिया है या उसमें अपने अपने खेतों का भूसा भर दिया है। यह है जिले की स्वास्थ्य सेवा जिससे लोग परेशान होकर प्राइवेट जाते है।

वीओ — जिले में गांव स्तर पर राज्य सरकारों द्वारा स्वास्थ्य स्तर को सुधारने के लिए भवनों का निर्माण कराया था लेकिन इस सभी भवनों का उद्घाटन हुआ तो कुछ दिनों तक कुछ सरकारी भवनों पर कर्मचारियों ने अपनी ड्यूटी की उसके बाद जाना ही बन्द कर दिया। जिससे नाराज ग्रामीणों ने उन अस्पतालों पर कब्जा करना शुरू कर दिया। विकास खण्ड कमालगंज की ग्राम सभा जरारी में आज से लगभग 15 साल पहले बने अस्पताल को लोगो ने तबेला बना दिया है। मरीजों को भी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं की पंगु व्यवस्था झोलाछापों की पौबारह है। यह लोग गांव गांव में दस्तक देकर विभिन्न रोगों का इलाज कर रहे हैं। कोरोना के चलते ओपीडी सेवाएं बंद चल रही हैं। ऐसे में सामान्य मरीजों के सामने भी दिक्कतें आ रही हैं।कोरोना के अलावा अन्य प्रकार की दिक्कतें होने पर जब लोग इधर उधर भटकते हैं तो ऐसे में उनके काम झोलाछाप ही आ रहे हैं। क्षेत्र में कई वर्षो से झोलाछाप सक्रिय है। जो कि कम रेट पर यहां लोगों का इलाज कर रहे हैं। इतना अवश्य है कि कई दफा मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ भी हो जाता है।

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