विचित्र बुखार से 15 दिनों में 13 लोगों की हुई गांव मे मौते ढाई सौ लोग प्रभावित

फर्रुखाबाद में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते विचित्र बुखार अब लाइलाज हो गया है। स्वास्थ्य विभाग मौत और बीमारों के आंकड़े छुपाने में लगा है। जिले में ऐसा कोई ब्लॉक नहीं जहा कोई बीमार नहीं हो। सबसे ज्यादा कमालगंज ब्लाक के कई गाँवो में विचित्र बुखार का कहर न हो। गांव के हर घर में बीमारी ने अपना घर बना लिया है आए दिन किसी न किसी की मौत हो रही है। स्वास्थ्य विभाग एक दो दर्जन बताकर अपना पल्ला झाड़ रहा है। बिचित्र बुखार की रोकथाम में स्वास्थ्य विभाग नाकाम हो रहा । कमालगंज ब्लाक और मोहम्मदाबाद ब्लॉक के गाँवो की। हमारे चैनल ने खबरों को प्रमुखता से चलाया तो सीएमओ ने माना कि 25 लोगों की मौत हुई है और 28 लोगों को डेंगू बुखार हुआ है जबकि आंकड़ा इससे कहीं अधिक है। गांव वालो की माने बीमारों की संख्या हजारों में है और मौत सैकड़ों में।

फर्रुखाबाद के ही कमालगंज के महरूपुर रावी गांव की आबादी 2 हजार से अधिक है। इस गांव में सफाई व्यवस्था चौपट है। गांव की हर गली-नुक्कड़ पर कूड़े के ढेर लगे हैं। गलियों में नालियां गंदे पानी से बजबजा रही हैं। भिम्मी नगला, आजाद नगर भटपुरा, चमननगरिया, बसा नगला, जंजाली नगला, करीमनगर में कई लोग खांसी, जुकाम, बुखार से घिरे हुए हैं। महरूपुर रावी गांव में दो से ढाई सौ लोग बुखार की चपेट में हैं। लोगो को बुखार उल्टी दस्त भी आ रहे है । विचित्र बुखार से गांव मे प्रभावित 15 दिनों में 13 लोगों की मौते हो गयी है। महरूपुर रावी झोलाछाप की मंडी बन गया है। यहां बुखार से पीड़ित मरीजों को भर्ती कर जमकर दोहन किया जा रहा है। यहां कथित तौर पर नर्सिंग होम भी हैं, जिनमें न तो चिकित्सक हैं और न पंजीकरण है।

यहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जानकारी के बावजूद आज तक इन झोलाछाप नर्सिंग होम पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। छापेमारी की जाती है तो कुछ दिन यह अवैध अस्पताल बंद कर दिए जाते हैं। बाद में लेनदेन कर अस्पताल फिर से खुलेआम संचालित होने लगे हैं। महरूपुर रावी में तेजी से बुखार का प्रकोप है। लगातार हुई मौतों के कारण लोग भयभीत है।सरकारी विभाग की टीम ना पहुंचने पर ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने को मजबूर हो रहे हैं जिनके पास पैसे ना होने पर वे अपने घरों का सामान मकान बेच रहे हैं और अपने परिवार का इलाज करा रहे हैं लेकिन स्वास्थ विभाग के आंकड़ों में सब कुछ ठीक है कहीं कोई बीमारी नहीं है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सीएचसी में गोलियां देकर टरका दिया जाता है। यहां किसी प्रकार की जांच नहीं की जाती।

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