जन सुबिधा केंद्र के मालिक रंजीत का पुलिस के सिपाहियों ने किया अपरहण

उत्तर प्रदेश में गोरखपुर कांड और बुलंदशहर शहर कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर ने अलीगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में जबरन फैक्ट्री में घुसकर उद्यमी से मारपीट कर उसका अपहरण कर लिया अभी सुर्खियों में बना हुआ है और प्रदेश सरकार को जवाब देते नहीं बन पड़ रहा है।जिससे सरकार की किरकिरी हो रही है। एक ऐसा ही मामला फर्रुखाबाद में भी सामने आया है। जहा जिले में दो सिपाहियों द्वारा एक युवक के अपहरण कर लिया गया । आरोप है कि रविवार शाम मेरापुर थाने के दो सिपाहियों ने जनसेवा केंद्र चलाने वाले युवक का अपहरण कर लिया। इसके बाद उसके परिजनों से दो लाख रुपये की फिरौती मांगी, जिस कार से अपहरण किया उसमें पेट्रोल भी युवक के खाते से PhonePe के जरिए डलवाया। फिरौती देने में असमर्थ पिता ने भाजपा विधायक सुशील शाक्य से संपर्क किया, जिसके बाद सिपाही युवक को छोड़कर फरार हो गए।

नूर नगर निवासी रंजीत सिंह पुत्र श्याम पाल गांव में जनसेवा केंद्र चलाते हैं। मेरापुर थाने के दो सिपाही जनसेवा केंद्र पर पहुंचे। दोनों ने खुद को एसओजी का सिपाही बताया और फर्जी आधार कार्ड बनाने का आरोप लगाकर रंजीत को बाइक से अचरा चौकी ले गए। वहां से उसे कार में बैठा लिया और छोड़ने के एवज में दो लाख रुपये की मांग करने लगे। सिपाही रंजीत को सराय अगहत, फिर मोहम्मदाबाद की ओर ले आए। रास्ते में उससे परिजनों व रिश्तेदारों को फोन करवाकर फिरौती के रुपये मांगते रहे। रंजीत के पिता श्यामपाल सिंह व मौसेरे भाई ने कुछ रुपयों का इंतजाम किया। इस बीच सिपाही रंजीत के खाते से भी रुपये निकलवाने का प्रयास करते रहे। इसके लिए उसे फतेहगढ़ की ओर ले आए। रास्ते में फर्जी आधार कार्ड बनाने की बात कबूलने का वीडियो भी बनाया। शहर के एक पेट्रोल पंप पर रंजीत के खाते से PhonePe के जरिये कार में 3000 रुपये का पेट्रोल डलवाया। इसके बाद आवास विकास कॉलोनी की पुलिस चौकी में बंद कर दिया।

पीड़ित युवक के पिता श्यामलाल ने बताया कि दो लाख रुपये का इंतजाम न होने पर उन्होंने अमृतपुर से भाजपा विधायक सुशील शाक्य से संपर्क किया। विधायक ने एसओजी को फोन लगाया। उन्होंने ऐसे किसी व्यक्ति को नहीं उठाने की जानकारी विधायक को दी। विधायक ने सीओ कायमगंज, एसओ मेरापुर से बात की. सीओ और एसओ ने भी किसी को न पकड़ने की जानकारी दी। काफी देर बाद विधायक को रंजीत के आवास विकास कॉलोनी चौकी में बंद होने की जानकारी मिली। विधायक वहां पहुंचे तो दोनों सिपाही भाग गए। विधायक ने एएसपी सीओ सिटी व कोतवाल से इस संबंध में बात की। कुछ देर में कोतवाल व सीओ सिटी चौकी पहुंचे और रंजीत को छोड़ा। दोनों सिपाहियों को बुलाकर रंजीत का लैपटॉप वापस कराया गया। दोनों सिपाहियों ने सर्विलांस सेल के एक दीवान के कहने पर रंजीत को पकड़ने व लेनदेन की जानकारी दी.। इसके बाद अधिकारी मामले को दबाने में जुट गए। रंजीत ने एसपी को प्रार्थनापत्र भेजकर सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। शहर कोतवाली के एक चौकी इंचार्ज और सर्विलांस सेल में 12 साल से डटे दीवान ने रंजीत को पकड़कर रुपये के लेनदेन की साजिश रची थी। इसमें शहर कोतवाली के दो सिपाही भी शामिल थे। चौकी इंचार्ज ने दबिश मारी। लेकिन, रंजीत हाथ नहीं लगा था. इस पर सर्विलांस के दीवान ने मेरापुर के दो सिपाहियों को लालच देकर साजिश में शामिल कर लिया।

Share