इस मंदिर में गुरु द्रोणाचार्य ने यहां माता की मूर्ति की स्थापित की थी

नवरात्र में महाभारत कालीन गुरुगांव देवी मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। मान्यता है कि पांडवों के अज्ञातवास के दौरान गुरु द्रोणाचार्य ने इस इलाके में प्रवास कर मां की प्रतिमा स्थापित की थी। इसीलिए प्रतिमा का नाम गुरु ग्रामेश्वरी देवी पड़ा। प्रतिमा मंगलवार को स्थापित हुई थी इसलिए यहां मां को मंगला देवी भी कहते हैं। यह सिद्धपीठ है। ऐसा सच्चा दरबार है जहां मां अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करती है। गुरुगांव देवी मंदिर में दोनों नवरात्रों में विशाल मेला लगता है।फर्रुखाबाद शहर की पश्चिमी सीमा पर स्थित गुरुगांव देवी मंदिर जनपद का प्रतिष्ठित मंदिर है। मंदिर में मां की प्रतिमा महाभारतकालीन है।

मान्यता है कि पांडवों के अज्ञातवास के दौरान गुरु द्रोणाचार्य ने यहां प्रवास के दौरान मां की प्रतिमा स्थापित की थी। इसलिए मैया का नाम उन्हीं के नाम पर गुरु गरमेश्वरी देवी पड़ा। मंदिर के पुजारी कैलाश चन्द्र ने बताया कि मंदिर महाभारत कालीन है। ऐसा बताया जाता है कि गुरु द्रोणाचार्य ने यहां माता की प्रतिमा स्थापित की थी। पुजारी ने बताया कि जीर्णोद्धार के बाद मंदिर की महिमा और प्रतिष्ठा और बढ़ गयी है। मंदिर में मंगलवार के दिन विशेष कीर्तन और पूजन होता है। वासंतीय और शारदीय नवरात्र में मंदिर में भव्य मेला आयोजित होता है।


लोगों का कहना है की मंदिर महाभारत कालीन हैं। मान्यता है कि गुरु द्रोणाचार्य और द्रुपद में युद्ध हुआ. द्रोणाचार्य ने द्रुपद को पराजित कर दिया। लेकिन बाद में दोनों में समझौता हो गया। जिसके चलते द्रोणाचार्य ने द्रुपद को दक्षिण पांचाल का राज्य दे दिया था। उसी समय गुरु द्रोणाचार्य ने यहां माता की मूर्ति स्थापित की थी। इसी मंदिर के पास काली मंदिर में भीम गदा भी स्थापित है। गुरु द्रोणाचार्य ने मां की प्रतिमा स्थापित की थी। इसीलिए सिद्धपीठ का नाम गुरु ग्रामेश्वरी देवी पड़ा।
भक्तों की गुरु ग्रामेश्वरी देवी में अटूट आस्था है। प्रतिमा मंगलवार को स्थापित किये जाने के कारण मैया को मंगला देवी भी कहा जाता है। हर मंगलवार को मंदिर में कीर्तन-भजन का विशेष कार्यक्रम होता है। नवरात्रों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। रेखा सक्सेना, राजकुमार, अर्चना ने बताया कि मैया की उनपर विशेष कृपा है, मैया ने उन्हें सब कुछ दिया है। भक्तों ने बताया कि मंदिर में आने के बाद उनके जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आया है। 

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