गांव में बीमारी ,सीएमओ आंकड़ों के फेरबदल मे करने मे लगे

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में लगातार पिछले 1 महीने से बुखार का कहर जिले में चल रहा है हालात या है जिले में तकरीबन 7 ब्लाको के अधिकांश ग्राम बुखार से पीड़ित हैं ग्रामों में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण बुखार डेंगू मलेरिया टाइफाइड से ग्रसित है वही जनपद में तकरीबन 100 से अधिक मौतें हो चुकी हैं लेकिन सरकारी आंकड़ों की अगर बात की जाए तो जिले के सीएमओ आंकड़ों के फेरबदल मे करने मे लगे हुए है । जिले मे मौतो का आकडा बढने की जगह कम होने लगा सीएमओ अपने वयान मे ऐसे फंसे कि अपने ही आंकड़ों की सही संख्या नहीं बता पा रहे हैं जिले के सीएमओ सतीश चंद्रा मृतकों के आंकड़े में अपने ही जवान से अलग-अलग आंकड़े पेश कर रहे हैं पिछले 10 दिन पहले सीएमओ के मुताबिक तकरीबन जिले में 25 मौतें होने का आंकड़ा सामने आया है वही जब लगातार बुखार का कहर बढ़ता ही जा रहा है बुखार से लगातार मौते हो रही तो वही सीएमओ साहब मीडिया के कैमरों के सामने आंकड़ों का फेरबदल ऐसा किया कि 25 से मौत में घटकर महज 9 रह गई लेकिन जब भूल सुधार के लिए उनसे जानकारी की गई तो फिर आगे उन्होंने जिले में 19 मौतों को होना बताया

सीएमओ की इस मौतों के आंकड़े को देखकर सभी लोग हैरान हैं वही जिले में बीमारी का आलम यह है कि कई ग्रामों में शायद ऐसा कोई घर बचा है जिसमें कोई बुखार से पीड़ित ना हो जिले के स्वास्थ्य महकमे पर लगातार ग्रामीण लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं और सही से स्वास्थ्य विभाग के द्वारा ग्रामीण स्तर पर दवाई और टेस्टिंग की शिकायत करते नजर आते हैं लेकिन दूसरी तरफ सीएमओ ऐसा आप कह रहे हैं कि जिले में कहीं भी दवाई और टेस्टिंग की कोई कमी नहीं है लेकिन जमीनी हालात इससे बिल्कुल उलट है ग्रामों की अगर बात करें तो ग्रामीण बुखार डेंगू मलेरिया का इलाज कराने के लिए निजी अस्पतालों का सहारा ले रहे हैं और हजारों रुपए खर्च कर बीमारी से निजात पाने की कोशिश कर रहे हैं जिले में पिछले 1 महीने से लगातार डेंगू मलेरिया टाइफाइड के हजारों लोग पीड़ित रहे हैं और लगातार संख्या बढ़ रही है

पीड़ित ग्रामीणों की अगर मानें तो जिले के कमालगंज व कायमगंज सीएचसी पर बनाए गए डेंगू वार्ड में जो मरीज भर्ती किए जा रहे हैं उनको बाहर की दवाई डॉक्टरों के द्वारा लिखी जा रही है डॉक्टरों की मनमानी के आगे पीड़ित मरीज निजी दवाई खरीद कर सरकारी अस्पताल में अपना इलाज करवा रहे हैं और इनको देखने और सुनने वाला कोई नहीं है जिले के हालात हैं कि बहुत सी पीएससी केंद्रों पर बेड की किल्लत भी सामने आई है लेकिन जिले के सीएमओ इस बात को सिरे से नकार रहे हैं और जिले के जिला अस्पताल लोहिया में बनाए गए पीकू वार्ड को भी डेंगू मलेरिया और टाइफाइड के मरीजों के लिए खोल देने का दावा कर रहे हैं।

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