संकिसा में बुद्ध महोत्सव के दौरान बबाल, पथराव, वाहनों में तोड़फोड़, लगाया गया जाम

संकिसा में बौद्ध धर्मी व सनातन धर्मी पुलिस की लापरवाही के चलते आमने-सामने आ गया| जनपद पांच बार बार पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ हुई| जिला प्रशासन की अनुमति लिए बिना ही संकिसा में आयोजित कार्यक्रम में हजारों की संख्या में भीड़ एकत्रित हो गयी| जिसके बाद भारी पुलिस बल पंहुचा| सनातन धर्मियों ने सड़क पर जाम लगा दिया|अब बबाल होनें के बाद जिला प्रशासन जाँच कर कार्यवाही की बात कर रहा है|


आपको बताते चले संकिसा विवादित स्तूप के पास बुद्ध महोत्सव पर दो दिवसीय बुद्ध महोत्सव का आयोजन चल रहा था| बीते दिन शुरू हुए बुद्ध महोत्सव का बुधवार को दूसरा दिन था| धम्मा लोको बुद्ध बिहार संकिसा पर सुबह बौद्ध अनुयायी धम्मयात्रा लेकर धार्मिक स्थल पर पहुंचे। तभी विवादित टीले पर तकरीबन आधा सैकड़ा अराजक तत्व पंचशील झंडा लेकर चढ़ गये और टीले के ऊपर बने बिसारी देवी के मन्दिर पर लगा भगवा ध्वज हटा कर पंचशील ध्वज लगा दिया और मन्दिर को क्षतिग्रस्त कर दिया| यह जानकारी जब सनातन धर्मियों को हुई तो हंगामा हो गया| बिसारी देवी के ऊपर बौद्ध धर्मियों द्वारा झंडा लगाने से दोनों समुदाय के अनुयायियों के आस्तीने खिच गयीं| दोनों पक्षों में जमकर पथराव शुरू हो गया| जिससे भगदड़ मच गयी | जिससे कई लोग चुटहिल भी हो गये| पथराव में खड़ी कई कारें भी क्षतिग्रस्त हो गयीं| आक्रोशित सनातन धर्मियों नें गाँव के निकट ही जाम लगा दिया|

संकिसा में शान्ति से सब कुछ चल रहा था| सभी की निगाहें बौद्ध समुदाय द्वारा निकाली जा रही धम्मयात्रा पर थी| कारण यह भी की हर साल की तरह इस बार सनातन धर्मियों और बौद्ध सधर्मियों के बीच जबाबी नारेबाजी होगी| मीडिया कर्मी व पुलिस कर्मी अपने अपने काम कर लगे थे| तभी अचानक वह हुआ जो किसी के सोचा नही था| दरअसल संकिसा के विवादित स्तूप पर पिछले 40 वर्षों से स्वामित्व को लेकर कोर्ट में मामला विचाराधीन है|

लिहाजा जिस दिन बौद्ध महोत्सव होता है उस दिन पुलिस फोर्स भी किसी अप्रिय घटना को रोंकनें के लिए लगायी जाती है|यात्रा वाले दिन एक दूसरे समुदाय के लोगों को दूसरे के क्षेत्र के जानें पर प्रशासन का प्रतिबन्ध रहता है| लेकिन उसके बाद भी बुधवार को पुलिस की कड़ी सुरक्षा भेदकर ऊँचे टीले पर अराजकतत्व कैसे चढ़ गये यह जाँच का विषय है| जब अराजक त्तत्व टीले पर बिना अनुमति चढ़ रहे थे तो पुलिस नें उन्हें रोंका क्यों नही| पुलिस और प्रशासन अब सबालों का जबाब तलाशनें में लगा है| वहीं कुछ लोग पीएम मोदी व सीएम योगी मुर्दाबाद के नारे भी लगा राजनैतिक रोटी भी सेकनें में लगे दिखे|

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