हनुमान जी की उपासना से होता है सभी बाधाओं का नाश

चैत्र माह की पूर्णिमा को श्रीराम दूत महावीर हनुमान जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है। श्री हनुमान को भगवान शिव का 11वां रुद्रावतार माना गया है। हनुमान जी की उपासना से सभी बाधाओं का नाश होता है। जिस स्थान पर हनुमान जी की उपासना होती है वहां दुर्भाग्य, भूत-प्रेत और रोग कभी प्रवेश नहीं कर पाते हैं। 

हनुमान जयंती के दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें। व्रत रखें। श्री हनुमान जी को चोला चढ़ाएं। श्री हनुमान जी को लाल गुलाब के फूलों की माला अर्पित करें। मान्यता है कि प्रतिदिन हनुमान जी को दो पत्ते तुलसी के चढ़ाए जाएं तो घर में कभी भी अन्न-धन का अभाव नहीं रहता। जब भी हनुमान जी को कोई भी भोग अर्पित करें तो उसमें तुलसी अवश्य डालें तभी वह तृप्त हो पाएंगे। हनुमान जी की पूजा में चरणामृत का प्रयोग नहीं होता है। हनुमान जी की पूजा लाल अथवा पीले वस्‍त्र में ही करें। महिलाएं चाहें तो हनुमान जी के चरणों में दीप प्रज्‍जवलित कर सकती हैं, लेकिन उन्‍हें न तो छुएं और न ही उन्‍हें तिलक करें। महिलाओं का हनुमान जी को वस्‍त्र अर्पित करना भी वर्जित है।  

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैंजिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत कियागया है।

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