भारतीय युवाओं को पहली नौकरी दिलाने में मदद करेगा गूगल

खास बातें

  • गूगल पे एप के जरिये विभिन्न कंपनियों में नौकरी के लिए सीधे कर सकते हैं आवेदन 
  • देशभर के जॉब का होगा ब्योरा
  • 6.7 करोड़ सक्रिय उपभोक्ता हैं अभी गूगल पे के देश में
  • गूगल-पे से जोड़ सकेंगे डेबिट-क्रेडिट कार्ड
  • गूगल लैंस भी अन्य भारतीय भाषाओं में भी
  • टोल फ्री नंबर पर करें गूगल असिस्टेंट से बात

दिग्गज आईटी कंपनी गूगल ने भारतीय युवाओं को शुरुआती स्तर पर जॉब खोजने के लिए नया प्लेटफॉर्म बनाया है। गूगल ने बृहस्पतिवार को गूगल फॉर इंडिया 2019 कॉन्फ्रेंस में कहा कि युवा अभी जॉब के मौके दिल्ली-एनसीआर में ही खोजते हैं, लेकिन नए प्लेटफॉर्म पर देशभर के रोजगार का ब्योरा मिलेगा। इसकी शुरुआत दिल्ली-एनसीआर से होगी। गूगल के महाप्रबंधक (पेमेंट एवं वाइस) सीजर सेनगुप्ता ने कहा कि गूगल पे एप के जरिये ही युवा नौकरी के लिए विभिन्न कंपनियों में सीधे आवेदन कर सकेंगे। वर्तमान डिजिटल मीडिया का नया स्पॉट जॉब है और गूगल पे इसकी पहुंच आसान बनाने पर काम कर रहा है।

यहां युवाओं को डिलीवरी बॉय या सेल्स एक्जीक्यूटिव जैसी शुरुआती स्तर की नौकरियां दिलाने में मदद की जाएगी। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग जैसी तकनीक से लैस यह प्लेटफॉर्म योग्यता और अनुभव के आधार पर युवाओं को जॉब के विकल्प दिखाएगा।

भारत में अभी गूगल पे के करीब 6.7 करोड़ सक्रिय उपभोक्ता हैं, जो हर साल अरबों ट्रांजेक्शन इस भुगतान एप से करते हैं। कंपनी ने कहा कि इस पहुंच का फायदा नए जॉब प्लेटफॉर्म पर भी मिलेगा।

गूगल पे ने अपने जॉब पोर्टल पर 24सेवन, स्विगी, डुंजो सहित होटल और सेवा उपलब्ध कराने वाली 25 से ज्यादा कंपनियों को जोड़ रखा है। सेनगुप्ता ने कहा कि भविष्य में इस प्लेटफॉर्म पर कोई अपनी जॉब को पोस्ट कर सकेगा, चाहे वो बड़ा कारोबारी हो या छोटी दुकान चलाने वाला।

गूगल पे एप में जॉब प्लेटफॉर्म के लिए कंपनी ने स्पॉट बनाया है, विक्रेता अपने अनुभवों और जरूरतों के बारे में जानकारी देता है। इस स्पॉट से विक्रेता अपना स्पॉट कार्ड बना सकता है, जो क्यूआर कोड और एनफसी एंटिना से लैस होगा।

इस कार्ड की मदद से गूगल पे एप खोलें, जहां विक्रेता की ओर से दी गई जानकारी दिखाई देगी। मेक माई ट्रिप ने अभी स्पॉट बना रखा है, जहां गूगल पे एप से सीधे बुकिंग की जा सकती है। इसके लिए मेकमाईट्रिप के एप पर जाना नहीं पड़ेगा।

कंपनी का कहना है कि मेक माई ट्रिप और अर्बन लैडर जैसी बड़ी कंपनियां अपना खुद का स्पॉट विकसित कर सकती हैं, लेकिन छोटे कारोबारियों के लिए थर्ड पार्टी के तौर पर गूगल का नया प्लेट फॉर्म सबसे कारगर होगा।

एक खरब डिजिटल अर्थव्यवस्था

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कॉन्फ्रेंस के उदघाटन के दौरान कहा कि सरकार भारत को एक खरब की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने की इच्छुक है। इसमें भुगतान, सेवाएं, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ई-कॉमर्स और एआई व मशीन लर्निंग आधारित तकनीकें शामिल होंगी। 

भले इंटरनेट नहीं है, गूगल को फोन करके जानकारी लें

हिंदी और इंग्लिश ही नहीं, भारतीय भाषाओं में गूगल पर जानकारियों को खोजा जा सकेगा। फोन में अगर इंटरनेट नहीं है, तब भी एक विशेष टोल फ्री नंबर पर कॉल करके गूगल से जानकारियां हासिल की जा सकेंगी। गूगल ने बृहस्पतिवार को इस तरह के कई नए फीचर्स और उत्पादों को लॉन्च किया। इनमें क्षेत्रीयता पर खासा जोर दिया है। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने किया।

सर्च करने पर नौ भारतीय भाषाओं में परिणाम

गूगल पर किसी विषय की जानकारी के लिए सर्च करने पर इंग्लिश और हिंदी में चीजें सामने आती थीं। अब गूगल सर्च को नौ भारतीय भाषाओं में किया जा सकेगा। इनमें गुजराती, मराठी, बांग्ला, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, उड़िया, उर्दू और पंजाबी शामिल हैं। इन्हीं भारतीय भाषाओं का गूगल असिस्ट में उपयोग किया जा सकेगा। यानी आप अपने फोन से इन भाषाओं में भी गूगल असिस्ट से बात कर पाएंगे।

गूगल-पे से जोड़ सकेंगे डेबिट-क्रेडिट कार्ड

टोल फ्री नंबर पर करें गूगल असिस्टेंट से बात

गूगल ने टोल फ्री नंबर  0008009191000 लॉन्च किया है, इससे विशेष रूप से वोडाफोन और आईडिया यूजर्स को फायदा होगा। इससे बिना इंटरनेट के भी गूगल असिस्टेंट से हिंदी या इंग्लिश में बात की जा सकेगी। इससे तापमान से लेकर सामान्य ज्ञान तक की बातें पूछी जा सकेंगी। 

गूगल-पे से जोड़ सकेंगे डेबिट-क्रेडिट कार्ड

रुपयों के भुगतान के लिए बनाए मोबाइल एप्लीकेशन गूगल-पे से अब डेबिट-क्रेडिट कार्ड जोड़े जा सकेंगे। गूगल पे पर 6.7 करोड़ मासिक उपयोगकर्ता हैं। उन्हाेंने 2019 में अब तक करीब 11000 करोड़ डॉलर का लेन देन किया। साथ ही पेमेंट के लिए टोकन कार्ड भी जल्द शुरू करने की जानकारी गूगल ने दी।

इन कार्ड का उपयोग ऑफलाइन हो सकेगा। कारोबारियों के लिए विशेष सुविधा भी लॉन्च की गई। इसके जरिए वे अपने उत्पाद एक विशेष ऑनलाइन पेज पर प्रदर्शित कर पाएंगे। यह पेज विशेष स्पॉट कोड से देखा जा सकेगा और खरीदारी भी हो सकेगी।

गूगल लैंस भी अन्य भारतीय भाषाओं में भी

गूगल लैंस भी अन्य भारतीय भाषाओं में भी

गूगल लैंस मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए विभिन्न भारतीय भाषा में लिखी हुई चीजों को फोन कैमरा से स्कैन करके पढ़ा जा सकेगा। इसका फायदा किसी नए राज्य में जाने पर लोगों को साइन बोर्ड से लेकर विभिन्न संदेश पढ़ने में विशेष रूप से मिलेगा। वहीं गूगल स्टेशन के तहत बीएसएनएल के साथ देश के 400 रेलवे स्टेशनों पर फ्री वाई-फाई दिया जा सकेगा। 

गूगल शुरू करेगा एआई डिजिटल लैब

google artificial intelligence

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दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल की तरफ से बंगलूरू में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) डिजिटल लैब शुरू की जाएगी। आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए गूगल शैक्षणिक समुदाय, सरकार और उद्योगों के साथ मिलकर काम करना चाहता है।

माइक्रोसॉफ्ट के बाद गूगल दूसरी ऐसी कंपनी है जिसने देश में एआई डिजिटल लैब शुरू करने की घोषणा की है। फिलहाल तक कंपनी की तरफ से 80 हजार इंटरनेट साथियों को प्रशिक्षण दिया गया है।

ये साल 2019 के अंत तक तीन लाख गांवों तक पहुंचेंगे। तमिल, तेलुगू और मराठी तीन भाषाओं को गूगल सर्च, इंडिक और गूगल लेंस में जोड़ा गया है। आने वाले दिनों में गूगल डिस्कवर 7 अन्य भाषाओं में उपलब्ध मिलेगा।

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