आलू की पैदावार से फर्रूखाबाद का आलू किसान बर्बाद


फर्रूखाबाद-एशिया की सबसे बड़ी आलू मंडी कही जाने वाली सातनपुर आलू मंडी के किसान बर्वाद हो रहे है।जिसका मुख्य रूप से कई कारण है।इस बात को लेकर जब आलू साग भांजी अधिकारी आरएन बर्मा से बातचीत की गई तो उन्होंने आलू किसानों की बर्बादी का खुलासा करते हुए बताया कि आगरा से लेकर फर्रुखाबाद तक देश का सबसे अधिक आलू की पैदाबार होती है।इस वर्ष भी लगभग 30 हजार हेक्टेयर में आलू की पैदावार की जाएगी।

उस आलू को आसाम,नागालैंड, विहार,महाराष्ट्र,बंगाल आदि राज्यो में भेजा जाता था लेकिन वर्तमान में यह सभी राज्य आलू की खुद पैदावार करने लगे है।जिस कारण यहां के आलू की डिमांड खत्म हो गई है।साथ आलू किसानों को आलू की फसल के साथ अन्य फसलों की पैदावार बढ़ानी चाहिए।जिससे आलू में होने वाले नुकसान को पूरा किया जा सके।


बेमौसम बरसात से किसानों को क्या नुकसान-24 घण्टे हुई लगातार बारिश से जिले के किसान बहुत परेशान है।क्योकि आलू की अगैती फसल करने से किसान दूसरी फसल भी पैदा कर लेता था।कुछ किसानों ने आलू के बीज को खेतों में लगा भी दिया है।बरसात होने से वह आलू सड़ जाएगा साथ जिन किसानों ने आलू के लिए खेत तैयार किया था वह आठ दिनों तक तैयार नही हो पाएंगे।यदि किसानों ने कच्ची फसल नही कर पाते है तो किसानों को बहुत बड़ा नुकसान होगा।क्योकि आलू का बाजिब दाम किसानों को कच्ची फसल से ही मिलता है।जो कि पकी हुई फसल से नही मिलता है।यदि किसान जागरूक नही हुआ तो वह इसी प्रकार बर्बाद होता रहेगा


बेमौसम बरसात से किसानों को क्या नुकसान-24 घण्टे हुई लगातार बारिश से जिले के किसान बहुत परेशान है।क्योकि आलू की अगैती फसल करने से किसान दूसरी फसल भी पैदा कर लेता था।कुछ किसानों ने आलू के बीज को खेतों में लगा भी दिया है।बरसात होने से वह आलू सड़ जाएगा साथ जिन किसानों ने आलू के लिए खेत तैयार किया था वह आठ दिनों तक तैयार नही हो पाएंगे।यदि किसानों ने कच्ची फसल नही कर पाते है तो किसानों को बहुत बड़ा नुकसान होगा।क्योकि आलू का बाजिब दाम किसानों को कच्ची फसल से ही मिलता है।जो कि पकी हुई फसल से नही मिलता है।यदि किसान जागरूक नही हुआ तो वह इसी प्रकार बर्बाद होता रहेगा

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