दशहरे पर इन 10 बुरी आदतों का दहन सेहत को पहुंचाती हैं नुकसान

बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा परिवार, समाज और धरती की सुरक्षा के लिए हमें कई तरह की जंग लड़ने को प्रेरित करता है। तो आइये इस दशहरे पर सबसे पहले हम अपनी जीवनशैली से जुड़ी उन दस बुरी आदतों का अंत करने का संकल्प लें जो हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती हैं। क्योंकि, हम मजबूत होंगे तभी कोई जंग लड़ पाएंगे। 

1- दफ्तर में घंटों बैठकर काम

मेज की ऊंचाई बढ़ा कंप्यूटर वर्क या किताब पढ़ने जैसे काम करें
70-75 कैलोरी प्रति घंटे खर्च बैठकर पढ़ने-लिखने में
90-100 कैलोरी खर्च होती है खड़े होकर काम करने से 

2- प्रकृति से दूरी बनाकर रखना

ऑफिस वर्क के बीच थोड़ी देर खुले आसमान में रहें। घर पर 1-2 घंटे धूप में रहने से दिमागी सक्रियता बढ़ती है।
1000 से 1300 मिलीग्राम कैल्शियम की जरूरत होती है हर दिन

3- सामाजिक संपर्क से कट जाना

डिजिटल वल्र्ड ने सामाजिक संपर्क घटा दिए हैं, यह अवसाद की बड़ी वजह
50% तक बढ़ जाता है असमय मृत्यु का खतरा इससे
02 दोस्तों से मिलने का लक्ष्य तय करें हर सप्ताह 

4- जॉगिंग-कसरत करने से बचना 

रोजाना 30 मिनट की तेज कसरत या करीब चार किलोमीटर की जर्ॉंगग दिनभर स्वस्थ और चुस्त दुरुस्त बनाए रखती है।
10 से 20 किलोमीटर कम से कम पैदल चलना आवश्यक सप्ताह में 

5- कमजोरियों को  लेकर लापरवाही

किसी खाद्य या पेय पदार्थ से एलर्जी या बीमारी को लेकर लापरवाह होना
08 तरह के खाद्य पदार्थ की एलर्जी सामान्यतया जैसे दूध,अंडा
08 फीसदी लोग दुनिया में किसी न किसी एलर्जी से पीड़ित

6- सूखे मेवे न खाना

बिस्किट, नमकीन की जगह सूखे मेवे खाना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद
20-25% बढ़ जाती है प्रतिरोधी क्षमता मेवे खाने से
10 अहम खनिज तत्वों की कमी पूरी करते हैं ड्राई फ्रूट्स

7- सेहत की जांच टालते रहना 

खुद को सेहतमंद मानकर कई लोग मेडिकल जांच नहीं कराते। शुरू में रोगों की पहचान के लिए समय समय पर जांच जरूरी
03-05 साल के अंतराल में गंभीर बीमारियों की जांच कराएं

8- दालों और हरी सब्जी से दूरी 

भागदौड़ भरी जिंदगी में दालें, छोले-राजमा, हरी सब्जी और फल खाना हम भूल जाते हैं।  दाल कोलेस्ट्रोल कम रखने में मददगार हैं।
07 से 14 फीसदी प्रोटीन प्रति सौ ग्राम दाल में, कैलोरी कम

9 उपहार में मिठाई लेना और देना

त्योहार में मिठाई देना किसी को बीमारी देने से कम नहीं है। फल-मेवे उपहार में दें। 
तैलीय पदार्थ-फास्टफूड हफ्ते में एक बार ही लें। 
80प्रतिशत जीवनशैली पर निर्भर होती है हमारी उम्र

10- फास्टफूड पर निर्भर रहना

केक, कुकीज, पिज्जा, फ्राई पोटैटो, आइसक्रीम में पाया जाने वाला ट्रांस और सेचुरेटेड फैट शरीर पर दुष्प्रभाव डालता है।
02 %ज्यादा ट्रांस फैट से असमय मौत का खतरा 16% बढ़ेगा

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