सात दर्जन मुकदमों में उलझे आजम खां, रामपुर में नहीं कर पा रहे जोरदार प्रचार

समाजवादी पार्टी के फायरब्रांड नेता और रामपुर से पहली बार सांसद चुने गए आजम खां मुकदमों में उलझ कर रह गए हैं। अपनी परंपरागत विधानसभा रामपुर सदर से वह पत्नी तथा राज्यसभा सदस्य उपचुनाव लड़ रहीं अपनी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा का जोरदार प्रचार भी नहीं कर पा रहे हैं।

रामपुर में जमीन कब्जा करने के मामले में भू-माफिया घोषित आजम खां इससे पहले के तमाम चुनावों में बड़ी-बड़ी जनसभाएं करते रहे लेकिन, इस बार ऐसा नहीं कर रहे हैं। हालत यह है कि नामांकन कराने के लिए पत्नी के साथ कलक्ट्रेट तक भी नहीं जा सके। सोमवार रात सांसद आजम खां ने पत्नी की जीत के लिए हाफिज साहब की दरगाह पर दुआ मांगीं।

रामपुर शहर विधानसभा सीट से आजम खां नौ बार विधायक रह चुके हैं। इस साल वह पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़े और जीते। इस कारण यह सीट खाली हो गई। अब यहां उप चुनाव है। इसमें आजम खां की पत्नी राज्यसभा सदस्य डॉ. तजीन फात्मा सपा की उम्मीदवार हैं लेकिन, नामांकन के बाद से उन्होंने कोई जनसभा नहीं की। शायद ऐसा यह पहला मौका है। उनकी तबीयत भी कुछ खराब बताई जा रही है, ऐसा वह एसआइटी को भी बता चुके हैं।

रामपुर के चुनाव में की बड़ी-बड़ी सभाएं

रामपुर में इससे पहले जितने भी चुनाव हुए, उनमें आजम खां बड़ी-बड़ी सभाएं करते रहे हैैं। लोकसभा चुनाव के दौरान तो दिन में कई-कई जनसभाएं करते थे। मतदान में केवल 13 दिन बचे हैं। सपा के बड़े नेता भी रामपुर में प्रचार के लिए नहीं आए हैं।

नामांकन के दिन भी एसआइटी के सामने हुए पेश

आजम खां को कभी लखनऊ में एसआइटी तलब करती है तो कभी रामपुर में। उनकी पत्नी ने 30 सितंबर को नामांकन कराया। उस दिन कलक्ट्रेट तक नहीं पहुंच सके। उसी दिन वह एसआइटी के समक्ष पेश हुए और चार दिन का समय मांगा। अब तक चार बार एसआइटी के समक्ष पेश हो चुके हैं। उनके खिलाफ जमीन कब्जाने, लूटपाट, मकान तोडऩे, हत्या और हत्या के प्रयास आदि में 84 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।

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