आधार नंबर के बिना किसानों को नहीं मिलेगी पीएम किसान सम्‍मान निधि योजना की दूसरी किश्त

श के ज्यादातर राज्यों में किसानों के बैंक खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की दूसरी किश्त नहीं जमा हो पा रही है। यह अब तभी संभव होगा, जब किसान के नाम और उसके आधार नंबर में मिलान हो जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर मिलान की पुष्टि करने को कहा है। आधार नंबर से अपने नाम की पुष्टि किसान खुद भी पीएम-किसान पोर्टल पर कर सकता है।

कृषि मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल ने इसी संबंध में पूछे सवाल के जवाब में बताया कि योजना की अगली किश्त देने के पहले आधार लिंक होना जरूरी कर दिया गया है। इसके लिए भी किसान खुद को सीधे पोर्टल जाकर अपना नाम व आधार नंबर दर्ज कर सकता है। इस तरह अब तक पांच लाख किसानों के नाम रजिस्टर हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश के बारे में अग्रवाल ने बताया कि राज्य के दो करोड़ से अधिक किसानों में से 1.57 करोड़ किसानों को पहली किश्त का लाभ मिला था, लेकिन दूसरी किश्त के लिए आधार से जोड़ना जरूरी कर दिया है। इसके चलते किसानों के बैंक खाते में दूसरी किश्त जमा कराने में थोड़ा विलंब जरूर हो रहा है।

केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, ‘पीएम किसान योजना में शामिल होने के लिए किसानों को मौका मिला तो सप्ताह भर में ही तीन लाख से अधिक किसानों ने पोर्टल पर अपने नाम दर्ज करा लिया है। इस सुविधा का लाभ पश्चिम बंगाल के हजारों किसानों ने भी आगे बढ़कर उठाया है।’ हालांकि योजना का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार की अनुमति जरूरी है।

कृषि मंत्री तोमर ने इसी बाबत पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक बार फिर पत्र लिखकर किसानों की हित वाली इस योजना के लागू करने का आग्रह किया है। इस बारे में कृषि मंत्री तोमर ने बताया कि पश्चिम बंगाल राज्य के 70 लाख से अधिक किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने वाली इस योजना के वहां लागू हो जाने से राज्य को 4200 करोड़ रुपये की प्राप्त होंगे। योजना के तहत प्रत्येक किसान को दो हजार रुपये की तीन किश्तों में सालाना 6000 रुपये मिलेंगे। इससे वहां के किसानों को भी देश के दूसरे हिस्से के किसानों के बराबर मदद मिलने लगेगी।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने पीएम किसान योजना के पोर्टल पर किसानों को सीधे रजिस्टर होने का मौका दिया है। इसमें देश के कुल तीन लाख से अधिक किसानों ने जहां खुद को रजिस्टर किया है, वहीं पश्चिम बंगाल के 8000 किसानों ने भी योजना में हिस्सा लेने की इच्छा जताते हुए रजिस्टर किया है। तथ्य यह है कि पीएम-किसान योजना में पश्चिम बंगाल सरकार ने हिस्सा लेने से मना कर दिया था।

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