देवप्रयाग से चलकर गंगासागर तक जाने वाली गंगा एक्सपीडिशन टीम को फर्रुखाबाद से विदाई

देवप्रयाग से चलकर फर्रुखाबाद होते हुए गंगासागर तक जाने वाली गंगा एक्सपीडिशन टीम को विदाई दी।इस अवसर पर नमामि गंगे प्रकल्प की टीम पांचाल घाट पर उनको गंगा प्रदूषण निवारण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जिला संयोजक रवि मिश्रा ने गंगा पर प्रकाशित होने वाली पुस्तक भेंट की और हमारी संस्कृति के बारे में बताया। फर्रुखाबाद जोकि अपरा काशी के नाम से भी जाना जाता है काशी के बाद सबसे ज्यादा शिवालय फर्रुखाबाद में हैं।

यहां पर गंगा चंद्राकार में बहती है। हमारे यहां माह महीने में विशाल मेला 1 माह के लिए लगता है। इसमें साधु संत और सभी समाज के लोग आते हैं। विंग कमांडर परमजीत सिंह और स्क्वाड लीडर दीप्ति और उनकी 18 सदस्यीय टीम को फर्रुखाबाद के सुप्रसिद्ध नमकीन और गंगा संकल्प पत्र गंगाचित्र भेंट किया। नमामि गंगे प्रकल्प के सदस्य अजय दीक्षित ने कहा की सरकार और आम जन सहयोग से ही गंगा मां स्वच्छ होंगी।

हम सभी को विशेष ध्यान देना होगा कि गंगा में पूजन सामग्री पॉलिथीन इत्यादि ना डालें। सभी जनमानस को जागरुकता लानी होगी। पॉलीथिन का इस्तेमाल ना करें यह हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। राष्ट्रीय अध्यक्ष गंगा प्रदूषण निवारण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजकिशोर मिश्रा ने सभी लोगों से अपील की कपड़े के झोले का इस्तेमाल करें।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राजेंद्र पैसिया तथा अन्य अधिकारियों और नमामि गंगे प्रकल्प की टीम ने विदाई दी। जिला संयोजक रवि मिश्रा, अजय दीक्षित, आचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल, मोनू ठाकुर आदि उपस्थित रहे । विधायक नागेंद्र सिंह राठौर टीम के साथ गंगा के रास्ते के साथ गए।

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