मच्छर भगाने के जलाई क्वाइल से घर में लगी आग, जिंदा जले दंपति

सुभाषनगर के वंशीनगला में मच्छर भगाने के लिए लगाई गई क्वाइल रिक्शा चालक दंपति का काल बन गई। क्वाइल से रजाई में आग लग गई। इसके बाद पूरा कमरा आग की लपटों से घिर गया। दंपति आग में जिंदा ही जल गए। जानकारी होने पर आधी रात को ही कमरे का दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाले गये। सीओ और इंस्पेक्टर समेत पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। सुबह होने तक परिवार के तमाम लोग आ गए। देर रात तक अंतिम संस्कार के लिए बेटे का इंतजार किया गया, लेकिन वह नहीं आ पाया।

किला में कटघर के रहने वाले अजय सक्सेना ने बताया उनके छोटे भाई विजय सक्सेना उर्फ पप्पू (50) और भाभी रजनी (45) पिछले पांच साल से सुभाषनगर के वंशीनगला में ओमवती के मकान में किराए पर रहते थे। वह रिक्शा चालक थे। उनका इकलौता बेटा मुकेश हापुड़ में मजदूरी करता है। मच्छर ज्यादा होने के कारण दंपति तीन-चार क्वाइल जलाकर सोते थे। शुक्रवार को भी दोनों मकान में सो रहे थे। मच्छर भगाने के लिए जलाई क्वाइल से रजाई में आग लग गई। जब तक दंपति जागते आग की लपटों से पूरा कमरा घिर गया। कमरे में रखा सामान, बिस्तर और कपड़े सब जल गए।

सामने रहने वाली मकान मालकिन ओमवती ने घर से धुआं निकलते देख डायल 112 को सूचना दी। इसके बाद परिवार वालों को बताया। मौके पर सीओ द्वितीय सीमा यादव, इंस्पेक्टर सुभाषनगर के साथ तमाम फोर्स पहुंचा। पुलिस ने आग बुझाई तो देखा कि बिस्तर पर दोनों के जले शव पड़े थे। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम को भेजा। दंपति के बेटे मुकेश को हादसे की जानकारी परिवार वालों ने दी लेकिन देर रात तक मुकेश नहीं आया।

शराब व क्वाइल के धुएं ने कर दिया बेहोश
अजय सक्सेना ने बताया कि उनके भाई विजय और भाभी रजनी दोनों शराब पीने के आदी थे। रोज शराब पीकर सोते थे। शुक्रवार को भी दोनों शराब पीकर सो रहे थे। क्वाइल के धुंये ज्यादा होने से वह बेहोश हो गये। इसकी वजह से रजाई में आग लग गई और उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी। कमरे में शराब की बोतलें भी बरामद हुई हैं।

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