अस्थाई गौशाला में भरपेट चारा न मिलने से 6 महीने में आठ गौवंशो हो चुकी मौत!-video

गोशाला में बंद गोवंशों को हरा चारा व दाना नहीं मिल पा रहा है। सूखा भूसा ही डाल दिया जाता है। वहीं गायों के छोटे बच्चों के सामने और भी संकट है। वे चरनी तक नहीं पहुंच पाते हैं। इससे उनके लिए भूसा जमीन पर ही डाल दिया जाता है। मामला फर्रुखाबाद के ब्लाक कमालगंज क्षेत्र की ग्राम सभा सिंधौली का है जहा आवारा गौवंशो के लिए अस्थाई गौशाला का निर्माण शासन के आदेश पर ग्राम प्रधान मनीष के द्वारा कराया गया । इस गोशाला में बंद आवारा गौवंशो को चारा और दाना पर्याप्त मात्रा में न मिलने से गौवंश बीमार होने लगे थे।जिस पर ग्राम प्रधान से लेकर किसी भी अधिकारी ने ध्यान नही दिया।जिसका कारण जबसे गौशाला का निर्माण किया है उसके बाद से अबतक आधा दर्जन से अधिक गोवंशों की मौत हो चुकी है।गौवंशो के डॉक्टर रमेश चंद शाक्य के अनुसार सात गौवंशो की मौत पहले होने के बाद उनको गौशाला में दफन कर दिया गया था।

– गौशाला में गौवंशो को हरा चारा भूसा, दाना न मिलने से सभी कमजोर होने के साथ बीमार भी पड़ रहे है।उसी बजह से लगभग सात पशु अभी बीमार चल रहे है।शरीर मे चारे की कमी से वह खड़े तक नही हो सकते है।उसी के चलते एक गाय की आज मौत हो गई है । बाकि बीमार गौवंशो का इलाज किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से ग्राम प्रधान को चारा बोने के लिए बीज दे दिया गया है।लेकिन हरा चारा न मिलने की बजह जब प्रधान से पूछी गई तो उन्होंने पानी न मिल पाने का कारण बताया है। प्रधान जी की लपरवाही तो देखिये गौशाला में कितने गौवंश बंद है उनको जानकारी तक नहीं है ।

जिस प्रकार से पूरे जिले में सैकड़ो की संख्या में अस्थाई गौशालाओ का निर्माण कराया गया है।उन गौशाला में गौवंशो को हरा चारा भूसा, दाना न मिलने से सभी कमजोर होने के साथ बीमार भी पड़ रहे है ।देखना यह होगा कि जिलाधिकारी के आदेशों का पालन सही तरीके से नहीं किया जा रहा है।वही जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने गौशालाओ में रोज हो रही गौ वंशो की मौतों के बारे में साफ तौर पर दिशा निर्देश दिए है।जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि गौवंश से सम्बंधित समास्या को मानीटर कर रह है। किसी प्रकार से गौवंशो के भोजन पानी से खिलबाड़ नही होने दिया जाएगा जो भी दोषी पायेगा जाएगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

Share
LATEST NEWS